Saturday, 16 January 2016

बाजीगर तमाशा


       आईने देखोगें तो सब नज़र आयेगा
        लफ्ज़ो से खेलता बाजीगर आयेगा

      तुम सायें पे पैर रख कर निकलते हो
        इल्ज़ाम इसका भी मेरे सर आयेगा

          खता मेरी मुझे नज़र से गिरा देगी
       ज़ल्दी ही इन बातो में असर आयेगा

          फिर बे नतीजा रहेंगे सवालात मेरे
          जवाब इनका भी मुख़्तसर आयेगा        #गद्दार

वफ़ा

मुक़ाबले इन वफ़ाओं के में बेवफ़ा शायर
वो दिल जीतती रही मै लफ्ज़ हारता रहा #गद्दार

Friday, 15 January 2016

मै परेशां

मुझ में शामिल हो तुम कुछ इस तरह
की में परेशां हूँ की तुम परेशां क्यूं हो  @गद्दार​

शीशा ए दिल

    सरसराहट सा दिल से गुजर जाऊँगा
   क्या जानता था दिल में उतर जाऊँगा

कह दिया था ना करीब से ना गुज़रो मेरे
शीशा ए दिल हूँ टकरा के बिखर जाऊँगा  #गद्दार




Thursday, 14 January 2016

रास्ते साया गद्दार

यूँ हाल पूँछकर वक़्त जाया ना कर
   इसी हाल में ख़ुश हूँ साया ना कर

इक तुम को साया नज़र आता नहीं
    रौशनी भी इतनी जियादा ना कर

रास्तो का  बिछड़ना देख लिया मैने
  मिलने किसी हाल में आया ना कर

आइना दिखलाता है शख्शियत मेरी
कौन है "गद्दार" याद दिलाया ना कर    #गद्दार

Tuesday, 12 January 2016

इश्क़ तेरा

खुद को इश्क में तेरे इतना यकीं दिला रखा है
अक्स में   मेरे  तेरा अक्स नज़र आने लगा है  #गद्दार

पत्थर 7

उल्फ़त के आईने में  सायें देख कर
पत्थर फेकने के मेरे इरादे बदल गए #गद्दार