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Monday, 23 November 2015

अंगड़ाई

शोखियां अर्श से फर्श पे उतर आई है
   फिर मासूम ख़्यालो की अंगड़ाई  है #gaddar

Saturday, 19 September 2015

वक़्त आसमान गद्दार

वक़्त भी अब क्या मेरा इम्तिहां लेगा
फुट कर रो देगा अगर जो जान लेगा

     कल का आया हुआ वो अजनबी
        क्या जगह हमारे दरमियां लेगा

तेरे अलावा एक ख्याल भी हो जेहन
दिल को छु कर के मेरा पहचान लेगा

पतंग ही तो लूटी थी फिज़ाओ ने तेरी
क्या लड़ कर खुदा से आसमान लेगा

#गद्दार

Tuesday, 14 July 2015

चाहत डायरियां गद्दार

चाहत में मोतियों सा बिखर के देखना
     समेट ना पाओगी समेट के देखना

     उलझ ही जायगी ये जुल्फ़े तुम्हारी
       चाहो तो मुझ से लिपट के देखना

       कंहा कंहा दर्ज है मुहब्बत हमारी
      डायरियों के पन्नें उलट के देखना

हर नजर तुम्हारी घायल करती है हमें
     चाहो तो बार बार पलट के देखना

#gaddar

Thursday, 9 July 2015

इश्क़ तन्हा गद्दार

एक मुद्दत से वो मिला नहीं
      हमें भी अब गिला नहीं

      न ख़त्म होती बातो का
         यु भी सिलसिला नहीं

     जरुरत से ज्यादा धुप से
      फूल भी अब खिला नहीं

     मंजिल, राह, गद्दार, तनहा
हमसफ़र नहीं, काफिला नहीं

#gaddar