Tuesday, 24 May 2016

दर्द की जंजीरे

देख कर इन हाथों में लकीर मेरी
फाड़ दो वो पास की तस्वीरें मेरी

शोर सी करती है यूँ खींच तान में
छटपटाने से दर्द  की  जंजीरें मेरी

होती नहीं है शक्लें हकीकत बारहा
ख़्वाब से जुदा होती है ताबीरें मेरी

आंधियां आह सी उठे या अश्क ए सुनामी
समन्दर तक शामिल है जागीरें मेरी 

#गद्दार

Friday, 26 February 2016

फिर पत्थर

हिज्र  कि  शाम   पे   ढलना   मेरा
बाकी है अभी आग में जलना मेरा

जिस्म  तो कई रंग   से   रंगा   मैने
फ़क़त चेहरा कालिख से मलना मेरा

ख़्वाब  छुने  की जिद जो करे    वो
हाथ   पत्थर  से      कुचलना   मेरा

"गद्दार" फ़ितरत से बाज आओ वर्ना
मुमकिन नहीं दिल का बदलना मेरा  #गद्दार

Sunday, 7 February 2016

जानते हो तुम

                 झूठ कुछ मेरे थे कुछ सच तुम्हारे
           कुछ सच मेरे हो गये कुछ झूठ तुम्हारे

  तुम आगाज़ पे चुप थी, मै अंजाम में चुप था
      फिर ख़ामोश पत्थर के अंदाज में चुप था

     थोड़े दूर तक ही हम हमसफ़र बन चले थे
    और तेज़ क़दमो से चलने के मेरे फैसले थे

    तुम पीछे रह कर अब मुझे आवाज़े मत दो
   तुम जानती हो ना...................................
     .....मुझे लौट कर आना नहीं आता ........ गद्दार 

Friday, 5 February 2016

फिर इक दफ़ा

हर इक   जुर्म पे  मिलती  नहीं  सजा
फिर इक दफ़ा   तूने मुझे माफ़ किया

बेजुबां भी   हक़ में तेरे    बोलने  लगे
खामोशियों को मेरी मेरे ख़िलाफ़ किया #गद्दार

Thursday, 4 February 2016

साँवरी सी लड़की

ए  साँवरी  लड़की  
बंद  कर के मेरी आँखे
तू  शरारत  से  हँसे 
अनजान  बन  कर  
ना पहचाने जाने  का  तमाशा  में  करू
तेरे  अधरो  कि  मिट्टी प्यासी  है  अभी 
मै बादल  का  बहाना  कर  
तुझ  पर  बरसू.....
 मेरे  प्यार  के  आराइश  कि  सोंधी  सी  महक 
ना  जाये  चाहे  कितने  भी  
पहलु  बदलू 

– गद्दार 


Saturday, 30 January 2016

ख़ुश्क नज़रे

दूर से देखा  तो बस  इतना  लगा
इक तेरा चेहरा मुझे   अपना लगा

इक लहर आकर मुझे   यूँ  छु गई
दरमियां वो   अनकहा रिश्ता लगा

बाँटकर खुशियाँ मुझे गम ही मिले
जानकर सौदा    बड़ा  महँगा लगा

 ख़ुश्किया नज़रों में इतना समां गई
रेत का साहिल      मुझे सहरा लगा।      #गद्दार


Friday, 29 January 2016

राधा

पानी पर बनाती ये बदलियाँ की छाह..,
,एक तुम्हारी ही तस्वीर.............
जिसे देख
हैरत में चाँद भी ................. खो रहा
और बिखरती चांदनी से पूछ रहा ...
इक तुम्हारा  नाम "राधा"            #गद्दार